December 31, 2009

"अण्डा" - बाबा नागार्जुन

"अण्डा"

पाँच पूत भारतमाता के, दुश्मन था खूंखार
गोली खाकर एक मर गया,बाकी रह गये चार

चार पूत भारतमाता के, चारों चतुर-प्रवीन
देश-निकाला मिला एक को, बाकी रह गये तीन

तीन पूत भारतमाता के, लड़ने लग गये वो
अलग हो गया उधर एक, अब बाकी बच गये दो

दो बेटे भारतमाता के, छोड़ पुरानी टेक
चिपक गया है एक गद्दी से, बाकी बच गया एक

एक पूत भारतमाता का, कन्धे पर है झन्डा
पुलिस पकड कर जेल ले गई, बाकी बच गया अंडा

[ रचनाकार: - बाबा नागार्जुन ]

December 30, 2009

"मंत्र" - बाबा नागार्जुन

पिछले कुछ दिनों में कुछ खास और बेहतरीन कवितायों को पढने का मौका मिला| पढने के बाद लगा की मेरे जैसे बहुतों को इन कविताओ के बारे में पता भी नहीं हैं| सो सोचा हैं कि अब कुछ वैसी कविताओ को भी यहाँ लिखू, ताकि मेरी तरह सबको परेशानी नहीं हो, उन्हें पाने में| शुरुआत बाबा नागार्जुन की कविता "मंत्र" से कर रहा हूँ| इस कविता को संजय झा ने आपनी फिल्म "स्ट्रिंग - बौंड ऑफ़ फैथ" में एक गीत के रूप में लिया हैं, जिसे जुबीन गर्ग ने गया हैं|

"मंत्र"

ॐ श‌ब्द ही ब्रह्म है..
ॐ श‌ब्द्, और श‌ब्द, और श‌ब्द, और श‌ब्द
ॐ प्रण‌व‌, ॐ न‌ाद, ॐ मुद्रायें
ॐ व‌क्तव्य‌, ॐ उद‌ग‌ार्, ॐ घोष‌णाएं
ॐ भ‌ाष‌ण‌...
ॐ प्रव‌च‌न‌...
ॐ हुंक‌ार, ॐ फ‌टक‌ार्, ॐ शीत्क‌ार
ॐ फुस‌फुस‌, ॐ फुत्क‌ार, ॐ चीत्क‌ार
ॐ आस्फ‌ाल‌न‌, ॐ इंगित, ॐ इश‌ारे
ॐ न‌ारे, और न‌ारे, और न‌ारे, और न‌ारे

ॐ स‌ब कुछ, स‌ब कुछ, स‌ब कुछ
ॐ कुछ न‌हीं, कुछ न‌हीं, कुछ न‌हीं
ॐ प‌त्थ‌र प‌र की दूब, ख‌रगोश के सींग
ॐ न‌म‌क-तेल-ह‌ल्दी-जीरा-हींग
ॐ मूस की लेड़ी, क‌नेर के प‌ात
ॐ ड‌ाय‌न की चीख‌, औघ‌ड़ की अट‌प‌ट ब‌ात
ॐ कोय‌ल‌ा-इस्प‌ात-पेट्रोल‌
ॐ ह‌मी ह‌म ठोस‌, ब‌ाकी स‌ब फूटे ढोल‌

ॐ इद‌म‌ान्नं, इम‌ा आपः इद‌म‌ज्य‌ं, इद‌ं ह‌विः
ॐ य‌ज‌म‌ान‌, ॐ पुरोहित, ॐ राज‌ा, ॐ क‌विः
ॐ क्रांतिः क्रांतिः स‌र्व‌ग्व‌ं क्रांतिः
ॐ श‌ांतिः श‌ांतिः श‌ांतिः स‌र्व‌ग्व‌ं श‌ांतिः
ॐ भ्रांतिः भ्रांतिः भ्रांतिः स‌र्व‌ग्व‌ं भ्रांतिः
ॐ ब‌च‌ाओ ब‌च‌ाओ ब‌च‌ाओ ब‌च‌ाओ
ॐ ह‌ट‌ाओ ह‌ट‌ाओ ह‌ट‌ाओ ह‌ट‌ाओ
ॐ घेराओ घेराओ घेराओ घेराओ
ॐ निभ‌ाओ निभ‌ाओ निभ‌ाओ निभ‌ाओ

ॐ द‌लों में एक द‌ल अप‌न‌ा द‌ल, ॐ
ॐ अंगीक‌रण, शुद्धीक‌रण, राष्ट्रीक‌रण
ॐ मुष्टीक‌रण, तुष्टिक‌रण‌, पुष्टीक‌रण
ॐ ऎत‌राज़‌, आक्षेप, अनुश‌ास‌न
ॐ ग‌द्दी प‌र आज‌न्म व‌ज्रास‌न
ॐ ट्रिब्यून‌ल‌, ॐ आश्व‌ास‌न
ॐ गुट‌निरपेक्ष, स‌त्त‌ास‌ापेक्ष जोड़‌-तोड़‌
ॐ छ‌ल‌-छ‌ंद‌, ॐ मिथ्य‌ा, ॐ होड़‌म‌होड़
ॐ ब‌क‌व‌ास‌, ॐ उद‌घ‌ाट‌न‌
ॐ म‌ारण मोह‌न उच्च‌ाट‌न‌

ॐ क‌ाली क‌ाली क‌ाली म‌ह‌ाक‌ाली म‌ह‌ाक‌ाली
ॐ म‌ार म‌ार म‌ार व‌ार न ज‌ाय ख‌ाली
ॐ अप‌नी खुश‌ह‌ाली
ॐ दुश्म‌नों की प‌ाम‌ाली
ॐ म‌ार, म‌ार, म‌ार, म‌ार, म‌ार, म‌ार, म‌ार
ॐ अपोजीश‌न के मुंड ब‌ने तेरे ग‌ले क‌ा ह‌ार
ॐ ऎं ह्रीं क्लीं हूं आङ
ॐ ह‌म च‌ब‌ायेंगे तिल‌क और ग‌ाँधी की ट‌ाँग
ॐ बूढे़ की आँख, छोक‌री क‌ा क‌ाज‌ल
ॐ तुल‌सीद‌ल, बिल्व‌प‌त्र, च‌न्द‌न, रोली, अक्ष‌त, ग‌ंग‌ाज‌ल
ॐ शेर के द‌ाँत, भ‌ालू के न‌ाखून‌, म‌र्क‌ट क‌ा फोत‌ा
ॐ ह‌मेश‌ा ह‌मेश‌ा राज क‌रेग‌ा मेरा पोत‌ा
ॐ छूः छूः फूः फूः फ‌ट फिट फुट
ॐ श‌त्रुओं की छ‌ाती अर लोह‌ा कुट
ॐ भैरों, भैरों, भैरों, ॐ ब‌ज‌रंग‌ब‌ली
ॐ ब‌ंदूक क‌ा टोट‌ा, पिस्तौल की न‌ली
ॐ डॉल‌र, ॐ रूब‌ल, ॐ प‌ाउंड
ॐ स‌ाउंड, ॐ स‌ाउंड, ॐ स‌ाउंड

ॐ ॐ ॐ
ॐ ध‌रती, ध‌रती, ध‌रती, व्योम‌, व्योम‌, व्योम‌, व्योम‌
ॐ अष्ट‌ध‌ातुओं के ईंटो के भ‌ट्टे
ॐ म‌ह‌ाम‌हिम, म‌हम‌हो उल्लू के प‌ट्ठे
ॐ दुर्ग‌ा, दुर्ग‌ा, दुर्ग‌ा, त‌ारा, त‌ारा, त‌ारा
ॐ इसी पेट के अन्द‌र स‌म‌ा ज‌ाय स‌र्व‌ह‌ारा
ह‌रिः ॐ त‌त्स‌त, ह‌रिः ॐ त‌त्स‌त‌

[रचनाकार: - बाबा नागार्जुन ; प्रकाशित वर्ष : - 1969]